Dad’s Love

तुम्हारे पहले पल से उसके आखिरी पल तक।

By MAHESH BAIRWA

खुद अपनी हसरतो को छोड़ कर तुम्हारी चाहतो को पूरा करता चला जाता है
जेब भले ही खाली हो उसकी
लेकिन तुम्हारी हसरतो के लिए खुदके वज़ूद को भी बेच देता है
वो पिता है जो खुदसे ज़ादा तुम्हारे लिए जीता है
वो तुमसे नाराज़ होता है ग़ुस्सा दिखता है
लेकिन तुमको वो समझता है
ऐसे ही एक पिता अपने बच्चो की ज़िन्दगी सवारता है
तुम्हे दुनिया ना सुना पाए इस काबिल बनता है
वो तुम्हारा गुरूर है जिसे कोई तोड़ नहीं सकता
तुम उस से लाख खफा होजाओ
लेकिन तुम्हाता साथ वो चोरड नहीं सकता
जब तक पिता तुम्हारे साथ खड़ा है
तुम्हारा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता
वो तुम्हारी ख़ुशी के लिए दुनिया से हार मान सकता है
लेकिन उस इंसान से कोई जीत नहीं सकता
वो तुम्हारी कमियों से बोहत अछि तरह वाकिफ है
लेकिन फिर भी तुम पर भरोसा रखता है
जहा साड़ी दुनिया तुम्हे पछाड़ना चाहती है
वहां वो तुम्हे खुदसे आगे देखना चाहता है
वो बस तुम्हारे नाम से अपनी पहचान बनाना चाहता है
वो पिता है जो अपना सब कुछ तुम्हारे नाम कर जाता है
जब तक पिता का हाथ हाथो में है
किसी के पेअर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
तुम बस पिता के सामने झुकना सीख लो
बाकी दुनिया तुम्हारे आगे झुकती चली जाएगी

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